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कुछ सार्थक चीज करने के लिए कड़ी मेहनत करना

कुछ सार्थक चीज करने के लिए कड़ी मेहनत करना।

हम सभी आज कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन एक सवाल जो हमें खुद से पूछना है, कि क्या हम किसी सार्थक चीज के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं या नहीं।

अगर आपका जवाब हां है तो मेहनत करते रहिए, लेकिन अगर आपका जवाब नहीं है तो भी मेहनत कीजिए और अपना समय किसी ऐसी चीज के लिए दीजिए जो सार्थक हो।

कड़ी मेहनत करना अच्छा है, लेकिन कुछ सार्थक और अच्छी चीज के लिए कड़ी मेहनत करना और भी बेहतर है।

हम सभी नूह के जीवन के बारे में जानते हैं जो हमें बाइबल में मिलता है, और कैसे परमेश्वर ने उसका मार्गदर्शन किया और आगामी विनाश से बचने के लिए जहाज बनाने में उसकी मदद की।

उत्पत्ति 7:17,23 में लिखा है
17 और चालीस दिन और रात पृय्वी पर जलप्रलय होता रहा, और जल बढ़ता गया, यहां तक ​​कि जहाज ऊपर उठने लगा, और वह पृय्वी से ऊपर उठ गया।
23
सब जीवधारियां पृय्वी के ऊपर से मिट गई; लोगों और जानवरों और जमीन पर चलने वाले जीवों और पक्षियों को मिटा दिया गया।

जिस प्रकार हनोक परमेश्वर के साथ-साथ चला और स्वर्ग पर उठा लिया गया, उसी प्रकार नूह परमेश्वर के साथ-साथ चला, और जब जल-प्रलय आया तब परमेश्वर ने उसे और उसके जहाज को पृय्वी से ऊपर उठा लिया।

इस जहाज़ बनाने में नूह ने कितनी मेहनत की होगी, और कुछ लोग उसका मज़ाक भी उडा रहे होंगे, कि वह जहाज़ बनाने के लिए अपना इतना समय और ऊर्जा क्यों खर्च कर रहा है।

लेकिन हम उत्पत्ति 7:23 में क्या पढ़ते हैं, परन्तु जब जलप्रलय आया, तो जो उसका उपहास कर रहे थे, और जो उसके वचनों को नहीं मानते थे, वे सब जलप्रलय में बह गए और उन्हें अपने प्राणों से हाथ धोना पड़ा।

इसलिए एक विश्वासी होने के नाते हमे परमेश्वर के नेतृत्व को प्राप्त करके जीवन मे आगे बढ़ना चाहिए, भले ही कोई आपका मजाक उड़ाए और परमेश्वर के वचनों को न माने, तो भी आपको परमेश्वर के वचनो को लेकर मेहनत करते रहना चाहिए जो कि सार्थक है। 

कड़ी मेहनत करते रहें, क्योंकि यह हमारा आध्यात्मिक कर्तव्य है, जिसे हमें कभी नहीं भूलना चाहिए, ब्लॉग पढ़ रहे सभी को परमेश्वर आशीष और अनुग्रह दे।

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