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येशु मसीह के अनमोल वचन

    मत्ती 7:8-11 क्योंकि जो कोई मांगता है , उसे मिलता है ; और जो ढूंढ़ता है , वह पाता है और जो खटखटाता है , उसके लिये खोला जाएगा। तुम में से ऐसा कौन मनुष्य है , कि यदि उसका पुत्र उस से रोटी मांगे , तो वह उसे पत्थर दे ? वा मछली मांगे , तो उसे सांप दे ? सो जब तुम बुरे होकर , अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो , तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता अपने मांगने वालों को अच्छी वस्तुएं क्यों न देगा ? यूहन्ना 14:6 यीशु ने उस से कहा , मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। यूहन्ना 14:14-15 यदि तुम मुझ से मेरे नाम से कुछ मांगोगे , तो मैं उसे करूंगा। यदि तुम मुझ से प्रेम रखते हो , तो मेरी आज्ञाओं को मानोगे। लूका 8:20-21 और उस से कहा गया , कि तेरी माता और तेरे भाई बाहर खड़े हुए तुझ से मिलना चाहते हैं। उस ने उसके उतर में उन से कहा कि मेरी माता और मेरे भाई ये ही हैं , जो परमेश्वर का वचन सुनते और मानते हैं। मत्ती 5:10-11 धन्य हैं वे , जो धर्म के कारण सताए जाते हैं , क्योंकि स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है। धन्य हो ...

येशु के लहू के द्वारा जयवंत जीवन

आज हम ऐक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय के ऊपर बात करने जा रहे हे जिसका शीर्षक हे येशु के लहू के द्वारा जयवंत जीवन को पाना। यदि आज हम इस संसार में देखे तो सब लोगो को एक जयवंत जीवन जीना हे , लेकिन कइ बार लोग संसार में असफल और निराश हो जाते हे , जिसकी वजह से वह अपने जीवन का जो आनंद हे उसे ठीक तरीके से नहीं ले पाते हे और परीणाम स्वरूप वे लोग कइ सारी बातो को और अपने जीवन को अंधकारमय ओर अस्तव्यस्त पाते हे।   प्रकाशित वाक्य १२:११ में लिखा हे , और वे मेम्ने के लोहू के कारण , और अपनी गवाही के वचन के कारण , उस पर जयवन्त हुए , और उन्होंने अपने प्राणों को प्रिय न जाना , यहां तक कि मृत्यु भी सह ली। यहाँ पर वचन हमें २ चीजों को बताता हे जिसके कारणवश हम जयवंत हो सकते हे। १.   मेम्ने के लोहू के कारण २.   अपनी गवाही के वचन के कारण यदि आप भी उस वचन की गवाही को और मेम्ने अर्थात येशु मसीह के लोहू की सामर्थ को अपने जीवन मे कार्य करने दे तो आप भी एक जयवंत जीवन को जी सकते हे।     जब हम उस मेमने अर्थात येशु के लहू के द्वारा नियमित अपने आप को शुद्ध करते...

 क्रिसमस पर बाइबिल वचन 2022

  क्रिसमस पर बाइबिल वचन     यूहन्ना 3:16 क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उस ने अपना एकलौता पुत्र दे दिया , ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे , वह नाश न हो , परन्तु अनन्त जीवन पाए। यशायाह 9:6-7 क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ , हमें एक पुत्र दिया गया है ; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी , और उसका नाम अद्भुत , युक्ति करने वाला , पराक्रमी परमेश्वर , अनन्तकाल का पिता , और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। उसकी प्रभुता सर्वदा बढ़ती रहेगी , और उसकी शान्ति का अन्त न होगा , इसलिये वे उसको दाऊद की राजगद्दी पर इस समय से ले कर सर्वदा के लिये न्याय और धर्म के द्वारा स्थिर किए ओर संभाले रहेगा। सेनाओं के यहोवा की धुन के द्वारा यह हो जाएगा । रोमियों 6:23                      क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है , परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है । 1 यूहन्ना 5:9-12 यदि हम मनुष्यों की गवाही ग्रहण करते हैं , तो परमेश्वर की गवाही तो...